मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग ने डिंडौरी जिले से जारी प्रशासकीय स्थानांतरण, युक्तियुक्तकरण एवं छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना से जुड़े आदेशों को निरस्त करने के निर्णय को यथावत रखा है। विभाग ने जिला कलेक्टर डिंडौरी को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि पुनर्विचार की कोई आवश्यकता नहीं है।
उपसचिव दिशा प्रणय नागवंशी द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि—
शिक्षकों के स्थानांतरण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तय स्थानांतरण नीति 2025 के अनुरूप नहीं किए गए। परीक्षण की प्रक्रिया का पालन नहीं होने से ये आदेश शासन स्तर से रद्द कर दिए गए हैं।
युक्तियुक्तकरण एवं अधीक्षकों की पदस्थापना को भी स्थानांतरण नीति के अंतर्गत ही गिना जाएगा। इस आधार पर अनुमन्य संख्या से अधिक पदस्थापनाएं मान्य नहीं हो सकतीं।
युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही निर्धारित अवधि पूर्व किए बिना और नियमों का पालन किए बिना की गई। न ही संबंधित को सुनवाई का अवसर दिया गया और न ही अतिशेष घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे कई प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हो गए हैं।
139 छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना आदेश 11 जुलाई 2025 को जारी किया गया, जो प्रतिबंध अवधि के बाद का है। साथ ही विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया गया, इसलिए इन्हें भी शासन ने रद्द कर दिया है। विभाग ने दोहराया है कि आगामी कार्यवाही केवल स्थानांतरण नीति 2025 एवं विभागीय निर्देशों के अनुसार ही की जाएगी।




