मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कलेक्टर नेहा मारव्या ने बुधवार को शहपुरा और डिंडौरी विकासखंड के शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्ती दिखाई।
शासकीय आदिवासी कन्या छात्रावास अमेरा में भोजन सामग्री, साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था को लेकर सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, प्राथमिक शाला बड़झर में बच्चों का शिक्षा स्तर कमजोर पाए जाने पर पीएस माध्यमिक प्रभारी को नोटिस जारी करने और डीपीसी सहित अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के आदेश दिए।
इसी तरह, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमेरा में कक्षाओं में रोशनी की कमी और छात्रों की पढ़ाई का स्तर कमजोर होने पर कलेक्टर ने संबंधित प्राचार्य व विषय शिक्षकों को नोटिस देने के निर्देश दिए। बालक आश्रम बड़झर में भोजन सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। एक्सपायरी सामग्री मिलने और चावल-गेहूं की गुणवत्ताहीनता पर अधीक्षक को एक सप्ताह में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए गए, साथ ही चेतावनी दी गई कि लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों और विद्यालयों की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।



