— किताब, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म तय दुकान से खरीदने का दबाव डालने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश के सागर में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026 से पहले जिला शिक्षा अधिकारी, सागर द्वारा निजी स्कूलों को लेकर जारी किया गया सख्त आदेश अभिभावकों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निजी या अनुदान प्राप्त विद्यालय विद्यार्थियों अथवा अभिभावकों पर महंगी किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, जूते-टाई आदि किसी विशेष दुकान या निर्धारित विक्रेता से खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा। हालांकि यह आदेश फिलहाल सागर जिले तक सीमित है, लेकिन अभिभावकों व शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसा ही निर्देश प्रदेश के हर जिले में लागू किया जाना चाहिए, ताकि निजी स्कूलों की वर्षों से चली आ रही मनमानी पर प्रभावी रोक लग सके।
— जारी आदेश के मुताबिक
आदेश में कहा गया है कि कुछ स्कूल प्रबंधन एनसीईआरटी/एससीईआरटी की निर्धारित पाठ्य-पुस्तकों के बजाय अन्य प्रकाशकों की अधिक मूल्य वाली किताबें लेने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाते हैं। साथ ही यूनिफॉर्म व अन्य शैक्षणिक सामग्री भी तय दुकानों से खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से बाध्य किया जाता है, जो मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस एवं अन्य संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 का सीधा उल्लंघन है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि छात्र व अभिभावक किताबें, यूनिफॉर्म व स्टेशनरी खुले बाजार से खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। विद्यालय प्रबंधन केवल सामग्री की सूची नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा तथा विद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी अपलोड करेगा।
गौरतलब यह कि यदि यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में सख्ती से लागू किया जाए, तो अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। वहीं निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। देखें जारी आदेश

