डिंडौरी। जिले जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पौंडीमाल में मनरेगा योजना के तहत कपिलधारा कूप निर्माण कार्य में हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (दिव्यांशु चौधरी)एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
— ये रहा पूरा मामला
दरअसल जिला पंचायत से आदेश के मुताबिक सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर पूर्व पंचायत सचिव से वसूली के निर्देश दिए गए हैं। जनपद पंचायत डिंडौरी द्वारा पत्र क्रमांक /ज.पं./स्था./2025/798 दिनांक 25 जुलाई 2025 के माध्यम से यह मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। जनपद स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट दिनांक 8 जुलाई 2025 में सामने आया कि हितग्राही शोभाराम/तितरा के नाम से मनरेगा योजना अंतर्गत कपिलधारा कूप निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था। इस कार्य के लिए कुल 2 लाख 30 हजार रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसमें मजदूरी मद में 87 हजार 945 रुपये तथा सामग्री मद में 100 रुपये सहित कुल 1 लाख 62 हजार 945 रुपये व्यय होना पाया गया।
वहीं जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कूप की बंधाई नहीं होने के कारण वह धंस गया है और वर्तमान में कार्य स्थल पर खुदाई कार्य प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि योजना की राशि खर्च होने के बावजूद कार्य धरातल पर मौजूद नहीं है, जो शासकीय धन के दुरुपयोग को दर्शाता है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान तत्कालीन सरपंच डीमन सिंह उईके, पूर्व सचिव जोहन लाल कोरबा और ग्राम रोजगार सहायक गंभीरदास पडवार को कई अवसर प्रदान किए गए। अनावेदकों ने जवाब प्रस्तुत करते हुए कहा कि भुगतान की प्रक्रिया वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में हुई थी, लेकिन न्यायालय द्वारा परीक्षण के बाद पूर्व सरपंच एवं ग्राम रोजगार सहायक को प्रकरण से मुक्त कर दिया गया।
बरहाल आदेश में पूर्व पंचायत सचिव जोहन लाल कोरबा पर देयता निर्धारित करते हुए 54 हजार 315 रुपये की राशि सात दिवस के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं की गई तो पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 एवं भू-राजस्व संहिता के तहत कठोर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। वहीं शेष राशि की वसूली के लिए तत्कालीन रोजगार सहायक और वर्तमान सरपंच पर पृथक से धारा 89 का प्रकरण कर कार्रवाई करने के निदेश दिया गया है।इस आदेश को मनरेगा योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।
