मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन कार्य को लेकर चर्चा से हुई। कलेक्टर ने किसानों को समय पर उचित मूल्य दिलाने के लिए पंजीयन और उपार्जन कार्य की तैयारियों की समीक्षा की। इसी दौरान उन्होंने गौशालाओं की अद्यतन स्थिति, जल जीवन मिशन और प्रस्तावित नर्मदा प्राधिकरण परियोजना की प्रगति पर भी जानकारी ली और परियोजना क्षेत्र का सर्वेक्षण शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मनरेगा योजना के तहत निर्माणाधीन अमृत सरोवर, कूप निर्माण, खेत तालाब, वृक्षारोपण और जल गंगा संवर्धन कार्यों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही खनिज अधिकारी को अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर विशेष ध्यान देने और सभी प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी शासकीय भवन का हैंडओवर तभी होगा जब टेक्निकल समिति की रिपोर्ट उपलब्ध हो, जिसमें एसडीएम और संबंधित विभाग का सहायक यंत्री शामिल रहेंगे। डीपीसी और ई-गर्वनेंस को स्कूल, छात्रावास और आश्रमों के बच्चों के शत-प्रतिशत सार्थक ऐप में प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में आपदा राहत प्रकरण, पीएम किसान सम्मान निधि, राजस्व वसूली पर भी चर्चा हुई। सर्व शिक्षा अभियान के सहायक यंत्री को शाला मरम्मत कार्यों की फाइलें तैयार कर अनुमोदन हेतु भेजने को कहा गया। वेयरहाउस और मिलिंग के निरीक्षण की जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई ताकि आमजन को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। कलेक्टर ने राजस्व विभाग और तहसीलदारों को नामांतरण, सीमांकन और राजस्व वसूली के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। समस्त सीईओ को ई-केवाईसी, समग्र आईडी, राहत प्रकरण, अतिवृष्टि-बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत राशि, पोर्टल इनरोलमेंट और फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के स्थापना शाखा प्रभारी राजेश मरकाम के द्वारा नियमित रूप से कार्यों का सही ढंग से संधारण न करने पर एवं कार्य में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर सख्त निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नगर परिषद सीएमओ को निर्देश दिया गया कि मुख्य मार्गों पर बैठे आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजा जाए ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाएं खत्म हों। नगर में बिना अनुमति के बन रही बहुमंजिला इमारतों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने छात्रावासों और आश्रमों में खिड़की, पर्दा, मच्छरजाली, शुद्ध पेयजल और अग्निशामक यंत्र की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।अंत में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को चेताया कि अपने विभागों के लंबित पालन प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर अपर कलेक्टर को प्रस्तुत करें। साथ ही 15 से 19 सितंबर 2025 तक कर्मयोगी iGOT पोर्टल पर सीखें सप्ताह के दौरान सभी कर्मचारियों का पंजीयन और अनिवार्य प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।




