मध्यप्रदेश में पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा है कि पुराने पंचायत भवनों को चरणबद्ध रूप से तोड़कर नए, सर्वसुविधायुक्त पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। इन भवनों को ई-पंचायत प्रणाली के अनुरूप विकसित किया जाएगा, ताकि डिजिटल सेवाओं का बेहतर संचालन हो सके।
मंत्री पटेल ने बताया कि नए पंचायत भवनों में कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, रिकॉर्ड कक्ष, बैठक एवं जनसुनवाई कक्ष सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीणों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि स्टांप शुल्क से प्राप्त राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा केवल पंचायत अवसंरचना के विकास पर ही व्यय किया जाएगा। इससे पंचायत भवनों के निर्माण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि सरकार के प्रगति के दो वर्ष कार्यक्रम के तहत यह पहल ग्रामीण विकास को नई गति देने वाली साबित होगी और पंचायतों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा।
