मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दिशा में आगे बढ़ते हुए विभाग ने प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के कुल 2 लाख 87 हजार शिक्षकों को टैबलेट वितरित कर डिजिटल रूप से सक्षम बनाया है। इन टैबलेट्स का उपयोग शिक्षक शिक्षण प्रक्रिया को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने में कर रहे हैं।
— रोबोटिक्स और अटल टिंकरिंग लैब से उन्नत शिक्षा का मार्ग
विभाग ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 52 सांदीपनि विद्यालयों में रोबोटिक्स लैब स्थापित की हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 458 पीएमश्री स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब (ATL) विकसित की गई है, जो विद्यार्थियों को तकनीक, नवाचार और प्रोजेक्ट-आधारित सीखने के अवसर देती है।
— सभी जनशिक्षा केन्द्र डिजिटल रूप से सुसज्जित
प्रदेश के 100 प्रतिशत जनशिक्षा केन्द्र (3063) में हाई-परफॉर्मेंस पीसी, प्रिंटर और यूपीएस उपलब्ध कराए गए हैं। शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं गणित विषय के डिजिटल ई-कंटेंट भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे सीखने की प्रक्रिया और भी सरल और रोचक हुई है।
व्यावसायिक शिक्षा को मिला नया विस्तार
नई शिक्षा नीति के अनुरूप सरकार ने 3367 सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की है। प्रदेश में 17 ट्रेड मंजूर किए गए हैं। पिछले वर्ष जहां 4 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन हुआ था, वहीं इस वर्ष यह संख्या लगभग 6 लाख पहुंच चुकी है। पिछले दो वर्षों में 690 शासकीय विद्यालयों में एग्रीकल्चर ट्रेड भी शुरू किया गया है, जिससे ग्रामीण छात्रों को रोजगारमुखी शिक्षा मिल सके।
करियर सप्ताह से मिला मार्गदर्शन
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान करियर चयन में सहायता देने के लिए इस वर्ष करियर सप्ताह का सफल आयोजन किया गया। इसमें 4311 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 2 लाख छात्रों को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया गया, जिससे विद्यार्थियों को अपने भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिली।




