—पुरानी पेंशन, डीए और अतिथि शिक्षकों पर चुप रही मोहन सरकार
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट को लेकर शासकीय कर्मचारी वर्ग में गहरी निराशा देखी जा रही है। शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में लाडली बहना योजना के लिए सर्वाधिक धनराशि का प्रावधान किया है, लेकिन वर्षों से लंबित कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर बजट में कहीं कोई उल्लेख नहीं है।
राम कुमार गर्ग ने बताया कि राज्य शिक्षा सेवा के शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का मुद्दा भी एक बार फिर टाल दिया गया। वहीं डबल इंजन सरकार होने के बावजूद जुलाई 2026 में देय 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी का भी बजट भाषण में कोई जिक्र नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन न तो उनके नियमितीकरण की बात की गई और न ही मानदेय वृद्धि का कोई प्रावधान रखा गया। इसी तरह एनपीएस पेंशनधारियों को भी बजट से राहत नहीं मिली, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
डीए वृद्धि न होने से पेंशनधारी कर्मचारी भी मायूस हैं। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और शिक्षकों की उपेक्षा कर तैयार किया गया यह बजट उनके लिए घोर निराशाजनक है। शासकीय शिक्षक संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है।
