भोपाल। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने प्रदेश में गेहूँ उपार्जन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष अब तक 6 लाख 91 हजार किसानों से 34 लाख 73 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 14 लाख 64 हजार किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग कराई गई है।
मंत्री ने बताया कि किसानों को राहत देते हुए गेहूँ उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर अब 23 मई 2026 कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेच सकें। उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्था सुधारने के लिए तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, साथ ही जिलों को आवश्यकता अनुसार संख्या बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अब तक किसानों को 5462.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छायादार स्थान और अन्य मूलभूत व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। साथ ही तौल, भंडारण और गुणवत्ता परीक्षण के लिए आवश्यक संसाधन जैसे बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और नेट कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई गई है।
राज्य सरकार द्वारा किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीदा जा रहा है। उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण के लिए जूट एवं पीपी/एचडीपी बैग की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है। मंत्री राजपूत ने बताया कि पूरे उपार्जन कार्य की निगरानी लगातार की जा रही है और उपार्जन केन्द्रों की सुविधाओं के फोटो भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
