मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिला में मनरेगा उपयंत्री संघ मध्यप्रदेश ने अपनी लंबे समय से लंबित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संघ ने स्पष्ट किया कि वे कई वर्षों से विभिन्न संगठनों के बैनर तले शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन अब तक मांगों का समाधान नहीं हो सका है। संघ ने ज्ञापन में कहा कि मनरेगा उपयंत्री लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए और समाधान होने तक उपयंत्रियों को अवकाश प्रदान किया जाए।
संघ की प्रमुख मांगें
1. संविदा पारिश्रमिक की गणना नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि के आधार पर नियमित उपयंत्री के वेतन के समकक्ष की जाए और वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
2. उपयंत्री की मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिले।
3. किसी भी प्रकरण में पद से पृथक करने के बजाय निलंबन की प्रक्रिया अपनाई जाए।
4. आरईएस और मनरेगा उपयंत्रियों की संयुक्त वरिष्ठता सूची के आधार पर सहायक यंत्री का प्रभार दिया जाए।
5. नियमित कर्मचारियों की भांति उपादन (ग्रेच्युटी) का भुगतान किया जाए और 1 अगस्त 2023 के बाद मृत या सेवानिवृत्त उपयंत्रियों को भी इसका लाभ मिले।
6. संविदा सेवा का नवीनीकरण एक वर्ष के बजाय 5 वर्ष की सीआर के आधार पर हो।
7. उपयंत्रियों से केवल तकनीकी कार्य ही लिया जाए और योजना को लक्ष्य आधारित बनाकर शोषण रोका जाए।
8. वेतन हर माह की पहली तारीख को दिया जाए ताकि परिवार का पोषण सुचारू रूप से हो सके।


