मध्यप्रदेश के डिंडौरी में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रगति सुनिश्चित करने हेतु विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के 86 वनग्रामों के पटवारी, सचिव/रोजगार सहायक एवं बीटगार्ड उपस्थित रहे।
बैठक में पूर्व के मान्य दावों और वर्तमान लंबित दावों की ग्राम स्तरीय समितियों द्वारा प्रस्तुत कब्जा रिपोर्ट, कार्यवाही विवरण और आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र शीघ्र वितरित किए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम का उद्देश्य आदिवासी एवं परंपरागत वनवासियों के वन भूमि पर अधिकारों को मान्यता देना है, इसलिए इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने पटवारियों, सचिवों और बीटगार्डों को ग्राम स्तर पर जाकर तथ्यात्मक जानकारी संकलित करने और रिपोर्ट निर्धारित समयसीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी (वन), सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव सहित राजस्व, वन एवं जनजातीय कार्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुसार वन अधिकार अधिनियम से संबंधित सभी प्रकरणों का निपटारा प्राथमिकता से किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार समय पर प्राप्त हो सकें।


