— 9 से 18 मार्च तक प्रदेशभर में शिक्षकों के लिए परिवेदना निवारण शिविर
भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने प्रदेश भर के शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए 9 मार्च से 18 मार्च 2026 तक जिला एवं संभाग मुख्यालयों पर “परिवेदना निवारण शिविर” आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि यह अभियान सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत मिशन मोड में संचालित होगा, ताकि शिक्षकों के लंबे समय से लंबित स्वत्वों का त्वरित और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार शिविरों में विशेष रूप से क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के लंबित प्रकरण, वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) से जुड़े मामले, सेवा अभिलेखों का अद्यतनीकरण, पेंशनरी स्वत्व तथा अन्य लंबित अभ्यावेदन प्राथमिकता से निपटाए जाएंगे। आगामी तीन वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण का कोष एवं लेखा द्वारा परीक्षण कर वसूली योग्य प्रकरणों का निर्धारण सेवानिवृत्ति से पूर्व किया जाएगा।
संचालनालय ने समस्त संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक शिक्षक तक सूचना अनिवार्य रूप से पहुंचे। शिविर स्थलों पर बैठने, पेयजल, आवेदन प्राप्ति, पंजीकरण और डाटा एंट्री की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि नियत तिथि तक प्राप्त आवेदनों का निराकरण नहीं हुआ और प्रकरण न्यायालयीन स्थिति में पहुंचे, तो संबंधित संयुक्त संचालक या जिला शिक्षा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। शासन अथवा संचालनालय स्तर से निराकृत होने वाले प्रकरण संयुक्त संचालक द्वारा संकलित कर तत्काल भोपाल स्थित संचालनालय को भेजे जाएंगे।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिविर केवल व्यक्तिगत लंबित स्वत्वों के लिए हैं। स्थानांतरण अथवा नीतिगत मांगों से संबंधित आवेदन इन शिविरों में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। शिविर अवधि के दौरान प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी और प्रतिवेदन तत्काल संचालनालय को भेजना अनिवार्य होगा। आयुक्त की अनुमोदन के बाद जारी इन निर्देशों के पालन को लेकर कड़ाई बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को लंबित प्रकरणों में शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। देखें आदेश…

