डिंडौरी। जिला मुख्यालय में सड़क, बिजली, पेयजल, नाली, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। यह हाल किसी एक वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के अधिकांश क्षेत्रों में नागरिक इन्हीं परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये समस्याएं जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों की नजर में होने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान का इंतजार कर रही हैं।

गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मां नर्मदा के तट पर विकास कार्यों के नाम पर कई बार सीसी सड़कों को खोदा गया। कहीं सीवर लाइन बिछाने तो कहीं केबल डालने के लिए सड़कें तोड़ी गईं, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद कई स्थानों पर सड़कें पहले जैसी स्थिति में बहाल नहीं की गईं। परिणामस्वरूप जगह-जगह बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ सड़कें आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।

इस स्थिति का एक प्रमुख उदाहरण मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर डैम घाट के समीप गुजराती धर्मशाला के सामने का मार्ग है, जहां सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे लंबे समय से लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग से जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों का भी आवागमन होता है, इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
वहीं लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय पर मरम्मत को लेकर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि मुख्यालय के प्रमुख मार्गों की यह स्थिति है, तो अन्य क्षेत्रों की समस्याओं का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इन मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कब ठोस कदम उठाते हैं, ताकि जिला मुख्यालय के नागरिकों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
