— ₹3.85 करोड़ के भुगतान के बाद भी अधूरे रहे जलप्रदाय कार्य, नईगढ़ी के गांवों में नहीं पहुंचा घर-घर नल का पानी
मध्यप्रदेश के मऊगंज जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजना में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ताविहीन निर्माण के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि कार्य पूर्ण किए बिना ही ठेकेदार को करीब 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि कई गांवों में जलप्रदाय व्यवस्था आज भी अधूरी है।
EOW की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष 2021 में मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड के विभिन्न गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत “हर घर नल जल” पहुंचाने के लिए पानी की टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का कार्य कराया जाना था। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार द्वारा कार्यों में मिलीभगत कर गुणवत्ताविहीन निर्माण कराए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी।
काम अधूरा, भुगतान पूरा करने का आरोप
जांच में सामने आया कि न्यूनतम निविदा दर से 4.26 प्रतिशत बिलो दर पर ठेकेदार मेसर्स शिवेन्द्र तिवारी को कार्यादेश जारी किया गया था। निर्माण कार्य के लिए ₹3,85,00,900 की राशि का भुगतान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, संभाग मऊगंज द्वारा किया गया।
EOW के अनुसार नईगढ़ी विकासखंड के खटखरी गांव में नवनिर्मित पानी की टंकी प्रथम जल भराव में ही टूटकर गिर गई। प्राक्कलन में करीब 4400 मीटर पाइपलाइन बिछाने और 315 घरेलू नल कनेक्शन देने का प्रावधान था, लेकिन आरोप है कि पाइपलाइन केवल गांव के बाहर तक बिछाई गई और घरों के भीतर नल फिटिंग तथा सर्कुलर स्टैंड पोस्ट का निर्माण नहीं किया गया।
740 कनेक्शन का दावा, घरों में नहीं मिली नल फिटिंग
प्रेस विज्ञप्ति में ग्राम करह में 5 मोटर पंप के स्थान पर केवल एक सबमर्सिबल मोटर मिलने का उल्लेख है। वहीं 740 कनेक्शन के दावे के विपरीत जांच में किसी भी घर के अंदर नल फिटिंग नहीं मिलने की बात कही गई है।
इसी तरह शिवराजपुर गांव में ओवरहेड टैंक और सम्पवेल का निर्माण अधूरा पाए जाने तथा जुडमनिया रघुनाथ गांव में मुख्य पाइपलाइन बिछाए जाने के बावजूद घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंचाने का आरोप है। पाइपलाइन को भी गांव में आधे हिस्से तक ही बिछाए जाने की बात EOW की विज्ञप्ति में कही गई है।
पांच साल बाद भी योजना अधूरी
EOW के मुताबिक नईगढ़ी विकासखंड के जुडमनिया रघुनाथ, खटखरी, करह उर्फ खैरागढ़ और शिवराजपुर सहित अन्य गांवों में जलप्रदाय से संबंधित कार्य गुणवत्ताविहीन पाए गए। इसके चलते संबंधित गांवों में आज तक जलप्रदाय शुरू नहीं हो सका। जांच एजेंसी ने इसे अनुपयोगी एवं गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य बताते हुए भुगतान किए जाने का आरोप लगाया है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला
EOW ने मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जे.पी. (जनार्दन प्रसाद) द्विवेदी, तत्कालीन सहायक यंत्री संजय पाण्डेय, तत्कालीन उपयंत्री ए.पी. तिवारी तथा ठेकेदार शिवेन्द्र कुमार तिवारी, निवासी प्रभाती पुरवा, तहसील मनगवां, जिला रीवा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 316(5), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धाराओं 7(C), 13(1), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
