Dindori Railway News : डिंडौरी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग तेज, विधायक मरकाम ने रेल मंत्री से मांगी FLS की मंजूरी..

Rathore Ramshay Mardan
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पेंड्रा, रोड—अमरकंटक—डिंडौरी—मंडला—घंसौर—लखनादौन—गोटेगांव रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव, आदिवासी अंचल को मिलेगा बेहतर रेल संपर्क

डिंडौरी। जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर डिंडौरी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। विधायक ने प्रस्तावित पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडौरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) नई रेल लाइन परियोजना के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को जल्द स्वीकृति देने की मांग की है।

 

विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि यह प्रस्तावित रेल लाइन मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल एवं वनांचल क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना हो सकती है। उन्होंने इसे ‘नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है।

 

वर्षों पुरानी मांग का दिया हवाला

 

पत्र में विधायक ने कहा कि अमरकंटक, डिंडौरी, मंडला, घंसौर, लखनादौन और गोटेगांव सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। प्रस्तावित रेल कॉरिडोर बनने से इन क्षेत्रों के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, पर्यटन और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने कहा कि यह रेल मार्ग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच संपर्क को मजबूत करने के साथ नर्मदा एवं विंध्य क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

रेलवे के पत्र का भी दिया हवाला

 

विधायक मरकाम ने रेल मंत्री को भेजे पत्र में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए बताया कि प्रस्तावित परियोजना को उपयोगी एवं महत्वपूर्ण मानते हुए आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित परिचालन विभाग को जानकारी दी गई है। इसी आधार पर विधायक ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि नर्मदा-विंध्य रेल कॉरिडोर के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि परियोजना की दिशा में ठोस प्रगति हो सके।

 

लाखों लोगों को रेल संपर्क मिलने की उम्मीद

 

विधायक ने पत्र के अंत में विश्वास जताया कि रेल मंत्रालय के सकारात्मक हस्तक्षेप से आदिवासी अंचल के लाखों नागरिकों की वर्षों पुरानी रेल संपर्क की आकांक्षा को नई दिशा मिल सकेगी।

 

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