— कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए निर्देश, अधूरे भवनों का हैंडओवर लेने पर रोक : 19 जुलाई को जिला अस्पताल में होगा फायर फाइटिंग डेमो
डिंडौरी। जिले में स्वास्थ्य विभाग के निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य स्वास्थ्य भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन भवनों का निर्माण अभी अधूरा है, उनका किसी भी स्थिति में हैंडओवर नहीं लिया जाए। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों के परिसरों में लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 19 जुलाई को सुबह 10 बजे जिला अस्पताल परिसर में फायर फाइटिंग डेमो आयोजित किया जाए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की अधोसंरचना से जुड़े सभी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




