मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के थाना शहपुरा क्षेत्र के ग्राम गनपुरा निवासी कपिलदेव झारिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामला अवैध करंट फंदे से जुड़ा पाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कपिलदेव झारिया 26 अगस्त की रात घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। 28 अगस्त को उनका शव ग्राम पिपरिया माल और गनपुरा के बीच पुलिया के नीचे मिला। शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मृत्यु बिजली के करंट से हुई चोटों के कारण हुई है। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि ग्राम के दुखीलाल परस्ते ने अपने साथियों धानू टेकाम, कंधी सिंह टेकाम और लल्ला धुर्वे के साथ अवैध रूप से सुअर पकड़ने के लिए खेत में जीआई तार का करंटयुक्त फंदा लगाया था। कपिलदेव उसी में फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। शव को छिपाने के लिए आरोपियों ने उसे पुलिया के नीचे फेंक दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया और उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त जीआई तार, बांस की खपंची व डंडा जब्त किए गए। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
कार्रवाई में इनकी रही विशेष भूमिका थाना प्रभारी – अनुराग जामदार,सउनि – बिपिन जोशी, राकेश यादव, नंदकिशोर झारिया,प्रधान आरक्षक – राघवेन्द्र सिंह, आरक्षक – अभिषेक पाण्डेय शहपुरा पुलिस टीम की सजगता व तत्परता से यह गंभीर प्रकरण शीघ्र सुलझा लिया गया।

