मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिले के कई विद्यालयों में राजीव गांधी कौशल विकास के नाम से जारी DEL IED (Diploma in Elementary Education) अंकसूची के आधार पर शिक्षक कार्यरत हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन अंकसूचियों में साफ तौर पर लिखा है कि यह NCERT द्वारा मान्य नहीं है, इसके बावजूद संकुल प्राचार्यों द्वारा इन दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन भी कर लिया गया है।
सूत्रों और शिक्षा जगत से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि यह सच है, तो यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं अब देखना होगा कि जिले के अधिकारी इस मामले की जांच करते हैं या नहीं। यदि इन अंकसूचियों के आधार पर भर्ती की गई है, तो बड़ी संख्या में शिक्षक अमान्य डिग्री लेकर कार्य कर रहे हैं। इस स्थिति में आने वाले समय में पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
