— कहा— प्रधानमंत्री की गरीब कल्याण योजना की भावना के विपरीत है अनाज की बर्बादी, जिम्मेदारी तय कर हो कठोर कार्रवाई
डिंडौरी। शहपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने गरीबों के लिए आवंटित खाद्यान्न के खराब होने और बर्बाद होने की घटनाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक का एक-एक दाना सुरक्षित रूप से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए। यदि लापरवाही के कारण अनाज सड़ रहा है या बर्बाद हो रहा है, तो यह न केवल शासन की योजनाओं की भावना के विपरीत है बल्कि गरीबों के अधिकारों के साथ भी अन्याय है।
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश के प्रत्येक गरीब परिवार को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराकर उसके जीवन में राहत और खुशहाली लाई जाए। केंद्र सरकार द्वारा संचालित खाद्यान्न योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार भूखा न रहे। ऐसे में यदि वितरण व्यवस्था में लापरवाही के कारण गरीबों तक पहुंचने वाला धान या अनाज गोदामों में सड़ जाए अथवा नष्ट हो जाए, तो यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर खाद्यान्न का उचित वितरण किया जाता, तो हजारों जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिलता। अनाज की बर्बादी केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं है, बल्कि उन गरीब परिवारों के अधिकारों का भी हनन है जो सरकार की राशन योजना पर निर्भर हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि गरीबों के हितों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन दोनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए इस तरह की लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खाद्यान्न भंडारण, रखरखाव और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जानी चाहिए, ताकि गरीबों के अधिकारों की रक्षा हो सके और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। विधायक धुर्वे के इस बयान को गरीब कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबों के हक के अनाज की बर्बादी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।
