BREAKING NEWS : एक ने रिश्वत मांगी, दूसरे ने सिर्फ 21 Farmer ID बनाई… दोनों पटवारी Suspend..

Rathore Ramshay Mardan
4 Min Read

 

एसडीएम सोहागपुर का बड़ा एक्शन, 20 हजार रिश्वत मांगने और 15 हजार लेने का आरोप, 21 फार्मर आईडी बनाने वाले पटवारी पर भी कार्रवाई

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील क्षेत्र में राजस्व कार्यों में लापरवाही और रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर प्रशासन ने दो पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर ने 26 अगस्त 2026 को जारी दो अलग-अलग आदेशों में एक पटवारी को रिश्वत मांगने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है, जबकि दूसरे पटवारी को फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर मुख्यालय तहसील कार्यालय सोहागपुर निर्धारित किया है।

 

— ये रहा पूरा मामला

 

पहले आदेश के अनुसार पटवारी आशीष सोनकर, जो पूर्व में हल्का चांपा और वर्तमान में हल्का पतखई/बमुरा में पदस्थ हैं, पर आरोप है कि हल्का चांपा में पदस्थ रहने के दौरान जमीन संबंधी कार्य कराने एवं जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, जिसमें 15 हजार रुपये नकद प्राप्त करने का आरोप है। शिकायतकर्ता द्वारा इस संबंध में कलेक्टर शहडोल के समक्ष शिकायत की गई थी।

शिकायत के आधार पर एसडीएम कार्यालय द्वारा 24 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, लेकिन आदेश के अनुसार पटवारी आशीष सोनकर ने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। आदेश में उल्लेख किया गया है कि जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने से शिकायत की पुष्टि होना प्रतीत होता है तथा पटवारी के शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता परिलक्षित होती है।

इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत आशीष सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया गया है और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।

वहीं दूसरे आदेश में पटवारी दीपचंद सिंह, हल्का बिजौरी, तहसील सोहागपुर के खिलाफ फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही और उदासीनता के चलते कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार 24 अगस्त को पिछले 10 दिनों के फार्मर रजिस्ट्री कार्य की रिपोर्ट निकाली गई, जिसमें दीपचंद सिंह द्वारा कुल 21 फार्मर आईडी बनाए जाने का कार्य किया गया था, जिसे अत्यंत कम माना गया।

इस मामले में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था। नोटिस की तामील भी कराई गई, लेकिन आदेश के अनुसार दीपचंद सिंह द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रशासन ने इसे फार्मर रजिस्ट्री जैसे प्राथमिकता वाले कार्य में घोर लापरवाही एवं उदासीनता माना।

एसडीएम सोहागपुर ने नियम-9 के तहत दीपचंद सिंह को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सोहागपुर रहेगा। साथ ही उनकी अनुपस्थिति को नियमानुसार दर्ज करने और निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता निर्धारित की गई है। उनके स्थान पर हल्का बिजौरी का प्रभार पटवारी विनय तिवारी, हल्का बुरूका को सौंपा गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है। एक मामले में रिश्वत मांगने के आरोप और दूसरे में प्राथमिकता वाले सरकारी कार्य में लापरवाही के चलते कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *