मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के देवरा गांव में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर मुड़की रोड पर चक्काजाम कर नलजल योजना में लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के ठेकेदार सुरेंद्र ओझा पर अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगाए।
दरअसल ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो-तीन दिन में एक बार ही पानी मिल पा रहा है। करीब ढाई करोड़ रुपये की नलजल योजना पर पिछले चार वर्षों से काम चल रहा है, लेकिन आज भी लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण महिला शकुंतला बाई ने बताया कि जल आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने ठेकेदार से चर्चा की थी, लेकिन इस दौरान कथित रूप से अभद्रता की गई।
मामले की जानकारी मिलने पर जिले के दौरे पर पहुंचीं पीएचई मंत्री संपतिया उइके गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए एफआईआर दर्ज कराने और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
मंत्री ने अधिकारियों को गांव का निरीक्षण कर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने और जल आपूर्ति सुधारने के निर्देश भी दिए। उन्होंने क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाया जाएगा। वहीं ठेकेदार सुरेंद्र ओझा ने अपने ऊपर लगे अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि लो वोल्टेज की समस्या के कारण पानी की टंकी पूरी तरह नहीं भर पा रही है, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि वे उपलब्ध पानी की ही आपूर्ति कर रहे हैं और किसी के साथ अभद्रता नहीं की गई।




