भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में बजट की कमी न आए और विभाग की देनदारियां कम की जा सकें।
बैठक में मंत्री प्रहलाद पटेल ने आजीविका मिशन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के एचआर मैनुअल की समीक्षा करते हुए “समान कार्य के लिए समान वेतन” लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय जरूरतों के अनुसार पदों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया अपनाने पर भी जोर दिया।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने वन भूमि पर जनोपयोगी सुविधाओं की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप ‘एफआरए लैंड डायवर्शन’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को पारदर्शी और त्वरित सुविधा मिलेगी।
बैठक में प्रदेश के 52 जिलों में संचालित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने इन केंद्रों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्किल ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजी भाषा सहित अन्य रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण केंद्रीकृत व्यवस्था से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 की समीक्षा के दौरान मंत्री प्रहलाद पटेल ने वर्तमान बाजार की मांग के अनुरूप स्किल्स की पहचान करने तथा स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात कही।
इसके अलावा एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए तैयार किए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार और अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से विकसित भारत-जी-राम-जी अभियान के तहत सभी निर्माण कार्य शुरू होंगे, इसलिए पहले से कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
