भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने UDISE पोर्टल पर आधारित विद्यार्थियों की स्थायी शैक्षणिक आईडी (APAAR – Automated Permanent Academic Account Registry) को लेकर सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अंतर्गत लागू इस व्यवस्था के तहत 31 जनवरी 2026 तक किसी भी स्थिति में शत-प्रतिशत APAAR ID निर्माण अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, APAAR ID “एक राष्ट्र-एक छात्र” की परिकल्पना को साकार करने में सहायक होगी। इस आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा परिणाम, समग्र रिपोर्ट कार्ड, छात्रवृत्ति, सीखने के परिणामों के साथ-साथ अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। साथ ही, नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के अंतर्गत छात्र अपने क्रेडिट स्कोर को भी सुरक्षित रख सकेंगे।
आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत कुल 1,49,43,367 विद्यार्थियों में से केवल 95,71,686 छात्रों की APAAR ID बनी है, जो कि मात्र 64.1 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पंजीकरण की गति अभी संतोषजनक नहीं है और इसे तेज करने की आवश्यकता है।

लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों एवं जिला परियोजना समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में APAAR ID परियोजना की नियमित समीक्षा करें और आवश्यक कदम उठाते हुए 31 जनवरी 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित कराएं।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से समस्त वार्षिक परीक्षाओं में APAAR ID अनिवार्य पहचान संख्या (Mandatory ID) के रूप में सम्मिलित की जाएगी। इसलिए इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गंभीरता के साथ पूर्ण कराना अत्यंत आवश्यक है। आदेश पर आयुक्त लोक शिक्षण, मध्यप्रदेश शिल्पा आता के हस्ताक्षर हैं। साथ ही जिलावार APAAR ID प्रगति रिपोर्ट भी संलग्न की गई है, जिसके आधार पर निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा।
