Big Breaking News : डिंडौरी में 5.60 करोड़ का खेल बेनकाब! बैगा विकास योजना में बड़ा घोटाला, दोषियों पर गिरेगी गाज….

Rathore Ramshay Mardan
2 Min Read

बिना अनुमति खर्च किए करोड़ों! जांच में फंसे अधिकारी

डिंडौरी। बैगा विकास एवं वाटरशेड योजना की राशि में अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया पूरी कर ली है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा की गई जांच के आधार पर संबंधित दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक 

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए 19 अगस्त 2025 को अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दो बार सुनवाई का अवसर भी दिया गया।

जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन प्रभारी जिला प्रबंधक श्रीमती मीना परते एवं प्रभारी जिला प्रबंधक (कृषि) श्रीमती निशा रानी पडवार ने बिना सक्षम स्वीकृति के बैगा विकास परियोजना के डीपीआर में संशोधन कर विभिन्न गतिविधियों में बदलाव करते हुए करीब 5.60 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर खर्च की। यह पूरी प्रक्रिया शासकीय नियमों के विपरीत पाई गई।

मामले में वित्तीय अनियमितता और नियमों के उल्लंघन के चलते श्रीमती मीना परते की संविदा सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भोपाल को भेजा गया है। वहीं श्रीमती निशा रानी पडवार के विरुद्ध भी उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण के अंतिम आदेश के अनुपालन में सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है।

 

 

इसके अलावा विकासखंड स्तर पर कार्यरत मिशन प्रबंधकों एवं समनापुर, बजाग और करंजिया के सीएलएफ नोडल को आंशिक दोषी पाए जाने पर अंतिम चेतावनी जारी की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *