डिंडौरी/भोपाल। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि टीईटी परीक्षा को लेकर सरकार और शिक्षकों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता विफल हो गई है।
मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि वर्ष 1998-99 एवं 2001-03 तक के शिक्षक शासन के नियमानुसार साक्षात्कार परीक्षा के माध्यम से चयनित होकर सेवा में आए हैं, जबकि 2005-08 के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के बाद नियुक्त हुए हैं। इसके अलावा अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त शिक्षक भी निर्धारित प्रक्रियाओं के बाद सेवा में आए हैं।
संयुक्त मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर यह स्पष्ट किया जाए कि मध्यप्रदेश में कार्यरत कोई भी शिक्षक टीईटी के दायरे में नहीं आता है। साथ ही डीपीआई एवं जनजातीय कार्य विभाग के आदेशों को निरस्त कराने की मांग भी रखी गई है।
वहीं विभागीय पक्ष का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और सरकार का मत है कि वर्ष 2013-14 के पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य है तथा पूर्व की परीक्षा मान्य नहीं होगी।
वार्ता विफल होने के बाद संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया है कि 18 अप्रैल को भोपाल के जंबूरी मैदान में मुख्यमंत्री को संबोधित “अनुरोध महारैली” आयोजित की जाएगी। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शिक्षकों के हित में निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।
संभागीय अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने बताया कि इस महारैली में डिंडौरी जिले से लगभग दो हजार तथा पूरे मध्यप्रदेश से करीब दो लाख शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों से बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचने की अपील की है।
