Health News : स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 निजी अस्पतालों व 121 क्लीनिकों के पंजीयन निरस्त…

Rathore Ramshay Mardan
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पंजीयन नवीनीकरण नहीं कराने वाले अस्पतालों व क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई, 01 अप्रैल 2026 से संचालन बंद करने के निर्देश

 

मध्यप्रदेश के जबलपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, जबलपुर ने निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों के पंजीयन नवीनीकरण को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। म.प्र. उपचर्यागृह एवं रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 और नियम 1997 (यथासंशोधित 2021) के तहत पंजीयन नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी न करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की गई है।

जारी मीडिया विज्ञप्ति के मुताबिक 

 

दरअसल पत्र में उल्लेख किया गया कि पंजीयन की अवधि 3 वर्ष निर्धारित है और इसका नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष MP Online पोर्टल के माध्यम से 1 जनवरी से 28 फरवरी तक किया जाता है। इसके पश्चात मार्च माह में निरीक्षण कर पात्र संस्थानों का नवीनीकरण किया जाता है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 निजी अस्पतालों व 121 क्लीनिकों के पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।

 

वर्ष 2025-26 में कुल 55 अस्पतालों का नवीनीकरण प्रस्तावित था, जिनमें से 2 अस्पतालों ने स्वयं बंद करने का आवेदन दिया, जबकि 1 अस्पताल ने आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया। 1 अस्पताल के दस्तावेज सत्यापन में अपूर्ण पाए गए और 1 अस्पताल में निरीक्षण के दौरान आवश्यक स्टाफ अनुपस्थित पाया गया, जिसके चलते उनका नवीनीकरण नहीं किया जा सका।

 

इसी प्रकार जिले के 240 क्लीनिकों में से 89 क्लीनिकों ने नवीनीकरण हेतु आवेदन नहीं किया, जबकि 32 क्लीनिकों के दस्तावेज अपूर्ण या अनुपयुक्त पाए गए, जिसके कारण उनका भी पंजीयन नवीनीकरण नहीं हो सका। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन अस्पतालों एवं क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ है या निरस्त/अस्वीकृत किया गया है, उनका संचालन 01 अप्रैल 2026 से पूर्णतः बंद माना जाएगा।

 

संबंधित संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल नए मरीजों को भर्ती न करें, वर्तमान मरीजों का उपचार पूर्ण कर डिस्चार्ज करें और अपने संस्थान का संचालन बंद करें। साथ ही, अस्पताल/क्लीनिक के बाहर लगे नाम-पट्ट (बोर्ड) को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, जिन संचालकों से आवेदन छूट गया है, वे MP Online पोर्टल के माध्यम से पुनः आवेदन कर सकते हैं। देखें पूरी लिस्ट…

 

 

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