— 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग, सभी पंजीकृत किसानों से खरीदा जाएगा गेहूं
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी व्यवस्था को सरल, सहज और किसानों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्र तक पहुंचने और अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सीएम ने दोहराया कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं अनिवार्य रूप से खरीदा जाए। जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस दौरान छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उपार्जन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। साथ ही, गेहूं खरीदी के लिए बारदाने (बोरी) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार, जूट कमिश्नर और अन्य एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि बारदाने की आपूर्ति में कोई कमी न रहे। अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उपार्जन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मंत्रिमंडल उप-समिति के सदस्यों और किसान प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
