— 1 अप्रैल से शुरू होगा विशेष अभियान, छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
भोपाल। राज्य शिक्षा केंद्र मध्यप्रदेश एवं भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के संयुक्त सहयोग से प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए ‘विद्यार्थियों के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ अभियान का अगला चरण 1 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत अब विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि विद्यालय परिसर में ही सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों के लंबित बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को पूर्ण करना है। इसके तहत उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन और नवीन फोटो अपडेट किए जाएंगे। विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर आधार का बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होता है। 15 से 17 वर्ष के बीच यह अपडेट निःशुल्क रहेगा, जबकि 17 वर्ष के बाद शुल्क देय होगा।
अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेशभर में 500 से अधिक ऑपरेटर्स नियुक्त किए गए हैं। साथ ही सभी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे यूडीआईएसई-प्लस पोर्टल के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार करें जिनका आधार अपडेट लंबित है तथा उनके लिए विद्यालय स्तर पर शिविर आयोजित कर रोस्टर तैयार करें।
उल्लेखनीय है कि अपडेटेड आधार कार्ड विद्यार्थियों के लिए स्कूल प्रवेश, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी सेवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा सरकार द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए आधार में दर्ज विवरण का सही होना जरूरी है।
पूर्व में आयोजित अभियान के पहले चरण में प्रदेश के 2000 से अधिक विद्यालयों में शिविर लगाए गए थे, जिनमें 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराया था। सरकार की इस पहल से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है और आधार सेवाओं की पहुंच सीधे विद्यालयों तक सुनिश्चित होगी।
सोर्स:—स्कूल शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश।



