डिंडौरी। जिले में एक लापता छात्र की सुरक्षित वापसी का मामला सामने आया है, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। जानकारी के अनुसार, 24 मार्च 2026 को जनसुनवाई में एक दंपति ने अपने बच्चे के लापता होने की शिकायत कलेक्टर के समक्ष रखी। छात्र अमन मरावी, जो नवोदय विद्यालय के माइग्रेशन प्रोग्राम के तहत असम के शासकीय विद्यालय धीमा में अध्ययनरत था, 21 मार्च की रात करीब 9 बजे अचानक विद्यालय परिसर से गायब हो गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई और अभिभावकों को सूचित किया गया। साथ ही जबलपुर जीआरपी थाने को भी सूचना दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने असम स्थित विद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर छात्र की तलाश तेज कराई। लगातार प्रयासों के बाद 24 मार्च को छात्र के जबलपुर के गोरखपुर थाने में मिलने की सूचना मिली। इसके बाद विद्यालय वाहन भेजकर छात्र को सुरक्षित वापस लाया गया और अभिभावकों को सौंप दिया गया।
पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसने अपने साथियों से करीब 3 हजार रुपये उधार लिए थे, जिसकी वापसी के दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया। उसने विद्यालय प्रबंधन को इस बारे में जानकारी नहीं दी थी और डर के कारण रात में विद्यालय की बाउंड्री कूदकर भाग गया। कलेक्टर ने छात्र से चर्चा कर उसे समझाइश दी कि किसी भी समस्या को छुपाने के बजाय तुरंत शिक्षकों या अभिभावकों से साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना सूचना इस तरह विद्यालय छोड़ना खतरनाक हो सकता है।
कलेक्टर ने छात्र को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, अनुशासन में रहने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी। साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी समस्या की स्थिति में प्रशासन उसकी हर संभव मदद करेगा। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से छात्र की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकी, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।





