डिंडौरी। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिले में बढ़ती गर्मी और गहराते जल संकट को देखते हुए डिंडौरी को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने बिना अनुमति नए नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बावजूद अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने की पहल शुरू की है।
— ये रहा पूरा मामला
दरअसल इसी कड़ी में ग्राम अमरपुर निवासी (परिवर्तित नाम) मुकेश कुमार द्वारा अवैध नलकूप खनन की सूचना प्रशासन को दी गई। सूचना पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया। इस सराहनीय कार्य के लिए कलेक्टर ने मुकेश कुमार को 1000 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।
जांच के दौरान सामने आया कि विकासखंड अमरपुर के ग्राम पिपरिया छिन्दा टोला में महेंद्र वास्पे की निजी भूमि पर बिना अनुमति बोर मशीन (वाहन क्रमांक केए 01 एएफ 8655) से 17 मार्च 2026 को नलकूप खनन किया जा रहा था। करीब 40 फीट खुदाई के बाद मशीन संचालक मौके से फरार हो गया। इस मामले में पीएचई विभाग ने संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। भूमि स्वामी ने कृषि विभाग में आवेदन देने की बात कही, लेकिन राजस्व विभाग से कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सके।
वहीं, 19 मार्च 2026 को अमरपुर विकासखंड के वनग्राम झरना घुघरी में हीरा सिंह की वन अधिकार भूमि पर दो वाहनों (केए 59 एमओ 249 और केए 01 एमएफ 6559) के माध्यम से अवैध नलकूप खनन करते हुए पाया गया। वन विभाग ने इस मामले में पुलिस चौकी अमरपुर में प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल संरक्षण के मद्देनजर अवैध नलकूप खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि कहीं भी अवैध खनन की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




