डिंडौरी। विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय विजन के तहत ग्रामीण भारत को सशक्त और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से बीवी-जी राम जी अधिनियम 2025 के क्रियान्वयन, जागरूकता और प्रचार-प्रसार के लिए कलेक्टर सभाकक्ष में जिला स्तरीय प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के अकुशल वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का मजदूरी रोजगार वैधानिक रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम ग्रामीण विकास की सुदृढ़ रूपरेखा स्थापित करने में अहम है।
अधिनियम के तहत जल संरक्षण, आधारभूत अवसंरचना निर्माण, आजीविका संवर्धन और प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों के शमन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी कार्य विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से किए जाएंगे और राष्ट्रीय योजनाओं, जैसे पीएम गति-शक्ति, से एकीकृत होंगे। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि के व्यस्त समय, जैसे बुवाई और कटाई के दौरान, श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अधिकतम 60 दिनों की अवधि में अधिनियम के तहत कार्य नहीं कराए जाएंगे। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित है, जिसमें वित्तीय भागीदारी पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 और अन्य राज्यों के लिए 60:40 के अनुपात में होगी। प्राकृतिक आपदाओं या विशेष परिस्थितियों में केंद्र सरकार विशेष छूट भी प्रदान कर सकती है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक योजना के क्रियान्वयन, निगरानी और समन्वय के जिम्मेदार होंगे, जबकि ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी और ग्राम पंचायत कार्य निष्पादन और श्रमिक पंजीयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। ग्राम सभाएं नियमित सामाजिक अंकेक्षण के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने बताया कि मजदूरी दरें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएंगी, और समय पर कार्य न मिलने पर पात्र हितग्राहियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए योजना में बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्पैटियल टेक्नोलॉजी आधारित योजना निर्माण, मोबाइल और डैशबोर्ड आधारित निगरानी, तथा साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण की व्यवस्था की गई है। केंद्र स्तर पर अधिनियम के प्रचार-प्रसार हेतु तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं—लोगो डिजाइन, वीडियो/रील निर्माण और क्विज प्रतियोगिता—, जिनमें चयनित प्रतिभागियों को आकर्षक नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रेसवार्ता में मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी, कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ललित वैद्य, परियोजना अधिकारी मनरेगा प्रदीप कुमार शुक्ल, जिला प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन अर्पणा पांडेय और पत्रकारगण उपस्थित थे।




