— गांवों में आवागमन की सुविधा हेतु मनरेगा की ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ प्रारंभ, विभाग ने जारी किए निर्देश
डिंडौरी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम और बेहतर बनाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ की शुरुआत की गई है। इस संबंध में विभाग द्वारा सभी जनपद पंचायतों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
पंचायत, ग्रामीण विकास और श्रम सरकार मंत्री पहलाद पटेल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट करते हुए जानकारी साझा किया है कि परियोजना के तहत एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। अब तक कई गांव कच्चे या संकरे मार्गों के कारण आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे, जिन्हें इस योजना के माध्यम से राहत मिलने की उम्मीद है।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जनपद पंचायत में अधिकतम तीन करोड़ रुपये तक के कार्य स्वीकृत किए जा सकेंगे। कार्यों का चयन ‘सिपरी’ सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा तथा उसी के जरिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) भी तैयार की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और तकनीकी सटीकता सुनिश्चित हो सके।
परियोजना की विशेषता यह भी है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ड्रोन तकनीक से निगरानी की जाएगी। ड्रोन सर्वे के माध्यम से निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और मानकों का परीक्षण किया जाएगा, जिससे अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और समयबद्ध कार्य पूर्ण हो सकेंगे।।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ‘सुगम संपर्कता परियोजना’ से ग्रामीण अंचलों में न केवल आवागमन सुलभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
