— 32 में से 13 दुकानों पर नियमों की अनदेखी, ₹2.88 लाख किराया भी नहीं वसूला
जबलपुर/सिवनी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने लखनादौन नगर पालिका परिषद में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोप में अपराध क्रमांक 43/2026 दर्ज किया है। यह मामला 24 अगस्त 2020 से 18 अक्टूबर 2024 के बीच की अवधि से संबंधित बताया गया है। प्रकरण में भा.द.वि. की धारा 409, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 13(1)(ए), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
दरअसल शिकायतकर्ता रविन्दर सिंह आनंद, निवासी आदर्श नगर जबलपुर, ने आरोप लगाया था कि नगर परिषद के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों ने मिलीभगत कर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में निर्मित दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की। आरोप है कि प्रीमियम की पूरी राशि जमा कराए बिना ही दुकानों का कब्जा संबंधित हितग्राहियों को सौंप दिया गया और आरक्षित वर्ग की दुकानों का आवंटन भी सामान्य वर्ग के लोगों को कर दिया गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा।
जांच में पाया गया कि नगर परिषद ने 8 शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कुल 75 दुकानों का निर्माण कर नीलामी की प्रक्रिया पूरी की थी। नियमानुसार 21 दिन के भीतर 25 प्रतिशत राशि जमा करना और अंतिम स्वीकृति के 120 दिन के भीतर शेष राशि जमा करना अनिवार्य था। इसके पश्चात संबंधित हितग्राहियों से विधिवत अनुबंध किया जाना था, जिसमें मासिक किराये का उल्लेख भी किया जाना था। जांच के दौरान सामने आया कि कई मामलों में बिना अनुबंध के ही दुकानों का कब्जा दे दिया गया और पूरी नीलामी राशि जमा नहीं कराई गई।
सत्यापन में यह भी पाया गया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने लगभग 79 लाख 82 हजार 500 रुपये की राशि जमा नहीं की है और बिना अनुबंध के दुकानें संचालित कर रहे हैं। इसके अलावा इनसे नियमानुसार लगभग 2 लाख 88 हजार रुपये किराया भी वसूल नहीं किया गया। प्रकरण में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, राजस्व उप निरीक्षक तथा परिषद के प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल के सदस्यों सहित कुल 23 नामजद आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू द्वारा मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

