डिंडौरी। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत बीआरएल चावल के अपवर्जन/रिलीजमेंट प्रकरण में गंभीर अनियमितता सामने आने पर कलेक्टर ने मेसर्स खनूजा राइस मिल, डिंडौरी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। मामला वेयरहाउस में रखे सड़े चावल से जुड़ी समाचार प्रकाशन के बाद प्रकाश में आया, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
02 मार्च 2026 को कलेक्टर के निर्देश पर जांच टीम गठित कर मिल परिसर का निरीक्षण किया गया। जांच दल में डीएम नॉन वैधनाथ वासनिक, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, खाद्य अधिकारी कृष्ण कुमार मरावी एवं दो पुलिस निरीक्षक शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वेयरहाउस से गेट पास जारी कर बीआरएल चावल को मिल परिसर में यथावत रखा गया, लेकिन उसका नियमानुसार अपग्रेडेशन नहीं किया गया। शासन द्वारा बार-बार पत्राचार के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं होने से चावल की गुणवत्ता और प्रभावित हुई।
प्रकरण में पूर्व में भी आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश जारी किए गए थे, किंतु निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन नहीं किया गया। इस संबंध में कार्यालय पत्र क्रमांक एफपीएस/मिलिंग/2025-26/888 दिनांक 22 जनवरी 2026 के माध्यम से मामला महाप्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम को प्रेषित किया जा चुका है, जहां कार्यवाही प्रचलन में है।
अभिलेखों के परीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि 06 फरवरी 2023 से 10 फरवरी 2026 के बीच मिल परिसर स्थित मेकलसुता गोदाम से 55,004 बोरी (कुल 20,093.71 क्विंटल) चावल का उठाव किया गया, जबकि इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से कोई अनुमति या आदेश जारी नहीं किया गया था। यह कार्यवाही मिलिंग नीति 2023-24 के प्रावधानों के प्रतिकूल पाई गई है।
कलेक्टर ने संबंधित फर्म को निर्देश दिए हैं कि सक्षम अनुमति/आदेश की प्रमाणित प्रति सहित स्पष्ट, तथ्यात्मक एवं बिंदुवार स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर प्रचलित नियमों के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी।



