डिंडौरी। जिले के थाना समनापुर अंतर्गत दर्ज बलात्संग एवं लैंगिक हमले के एक गंभीर प्रकरण में माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी को कठोर दंड से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना समनापुर में अप.क्र. 474/2024 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक एससी 13/2025 में आरोपी अनिल सोनवानी पिता पिट्टू दास सोनवानी, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम खरगहना, जिला डिण्डौरी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीबद्ध किया गया था।
प्रकरण में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) न्यायालय, डिण्डौरी कमलेश कुमार सोनी द्वारा आरोपी को दोषी पाया गया। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराओं के अंतर्गत दोषसिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी किया गया है।
— ये रहा पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार दिनांक 21 नवंबर 2024 को दोपहर लगभग 12 बजे आरोपी ने थाना समनापुर क्षेत्र अंतर्गत फरियादी के घर से 18 वर्ष से कम आयु की अप्राप्तवय अभियोक्त्री को उसके विधिपूर्ण संरक्षक की अनुमति एवं सहमति के बिना बहला-फुसलाकर ले गया। आरोपी ने उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसकी इच्छा के विरुद्ध बलात्संग किया। साथ ही 16 वर्ष से कम आयु की अभियोक्त्री पर प्रवेशन द्वारा लैंगिक हमला किया गया।
प्रकरण की विवेचना उपरांत पुलिस द्वारा चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के दौरान प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई। यह निर्णय समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त संदेश देने वाला माना जा रहा है।
