— नामांतरण, सीमांकन, गिरदावरी सहित कई सेवाओं का त्वरित निराकरण
डिंडौरी। अनुविभाग बजाग के करंजिया एवं बजाग तहसील अंतर्गत 52 गांवों में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राजस्व अभियान के दूसरे दिन राजस्व शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को उनके राजस्व संबंधी मामलों का समाधान गांव में ही उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
यह अभियान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बजाग रामबाबू देवांगन के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। शिविरों में राजस्व विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाएं मौके पर प्रदान की गईं।
अभियान के दूसरे दिन 28 अविवादित नामांतरण, 6 अविवादित बटवारे तथा 24 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण किया गया। साथ ही ₹4,820 की राजस्व वसूली की गई। शिविरों में 256 आरओआर ई-केवाईसी पूर्ण किए गए, 65 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीयन हुआ और 1,570 गिरदावरी कार्य संपन्न किए गए।
गांव में ही त्वरित समाधान मिलने से ग्रामीणों में संतोष देखा गया। उन्होंने कहा कि इस पहल से समय और संसाधनों की बचत हो रही है और वर्षों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। राजस्व शिविर सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रहे हैं।
सोर्स:—जनसंपर्क विभाग डिंडौरी।
