डिंडौरी। जिले के जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत खरगहना में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे पंचायत सचिव गोवर्धन सिंह मरावी के खिलाफ जिला पंचायत डिंडौरी ने कड़ी कार्रवाई की है। लगातार गैरहाजिरी, शासकीय कार्यों में लापरवाही और बार-बार जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
— जारी आदेश के मुताबिक
जिला पंचायत से जारी आदेश के अनुसार सचिव गोवर्धन मरावी 20 दिसंबर 2024 को जनपद पंचायत बजाग में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहे। इसके चलते ग्राम पंचायत खरगहना में जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। इस मामले में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, लेकिन सचिव की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद 11 फरवरी 2025 को निरीक्षण के दौरान भी सचिव पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। यही नहीं, मई 2025 से 50 दिनों से अधिक समय तक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का समय सीमा में निराकरण नहीं किया गया। इस पर भी नोटिस जारी हुआ, लेकिन सचिव ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। सचिव की लगातार अनुपस्थिति और कार्य में रुचि नहीं लेने को लेकर क्षेत्र क्रमांक 08 के जनपद पंचायत सदस्य एवं ग्राम पंचायत खरगहना के सरपंच द्वारा भी जनवरी 2025 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बजाग को शिकायत पत्र सौंपे गए थे। बावजूद इसके स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
सरपंच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सचिव 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह तथा 30 जनवरी 2026 को आयोजित ग्राम सभा में भी उपस्थित नहीं हुए। ग्राम सभा में इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सचिव को हटाए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। लगातार अनुशासनहीनता, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और जवाब प्रस्तुत नहीं करने को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए जिला पंचायत ने म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत सचिव गोवर्धन सिंह मरावी को निलंबित किया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बजाग निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इधर सचिव की महीनों की अनुपस्थिति से पंचायत का कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, पेंशन एवं अन्य शासकीय कार्य ठप पड़े थे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी। आक्रोशित ग्रामीणों और पंचों ने पंचायत भवन में “लापता सचिव” के पोस्टर तक चस्पा कर दिए थे। प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत खरगहना में ग्राम रोजगार सहायक जशवंत मानिकपुरी को सचिव का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा है। जिला पंचायत की इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने राहत भरा कदम बताते हुए लापरवाही के खिलाफ सख्त संदेश करार दिया है।


