भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने अतिथि शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2023-24 के पूर्व शासकीय विद्यालयों में कार्य कर चुके अतिथि शिक्षकों के लिए यह अंतिम अवसर होगा, जिसमें वे अपने अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।
संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि जिन अतिथि शिक्षकों द्वारा पूर्व में ऑफलाइन कार्य किया गया था, लेकिन उनकी जानकारी GFMS पोर्टल 2.0 पर ऑनलाइन क्लेम के रूप में प्रदर्शित नहीं हो रही है, ऐसे मामलों में अब संकुल प्राचार्य को विशेष अधिकार दिए गए हैं। संकुल प्राचार्य, संबंधित अतिथि शिक्षक की विद्यालय उपस्थिति पंजी, ट्रेजरी से मानदेय भुगतान तथा तत्समय शिक्षक उपलब्ध न होने के प्रमाणीकरण के आधार पर ऑफलाइन से ऑनलाइन क्लेम दर्ज कर अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।

यह पूरी प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने यह भी साफ किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद किसी भी प्रकार का क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा और यह सुविधा पुनः उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
आदेश में समस्त संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा कार्यालयीन अभिलेखों में समस्त जानकारी संधारित रखें।
इस आदेश को आयुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया है और अपर संचालक लोक शिक्षण, मध्यप्रदेश द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, राज्य शिक्षा केन्द्र, MPSEDC, कलेक्टर एवं समस्त शासकीय विद्यालयों के शाला प्रभारियों को भी सूचनार्थ भेजी गई है। यह निर्णय उन हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका अनुभव प्रमाण पत्र अब तक तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी कारणों से जारी नहीं हो पाया था।




