Dindori News : 152 किस्मों के मोटे अनाज (मिलेट्स) की धरोहर सहेज रहीं लहरी बाई , ज़मीन पर बैठकर कलेक्टर ने किया सम्मान…

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी। मोटे अनाज (मिलेट्स) के संरक्षण और प्रचार में जुटी ग्राम सिलपिड़ी की लहरी बाई का कार्य अब जिले के साथ पूरे देश के लिए मिसाल बनता जा रहा है। विगत दिवस कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ग्राम पंचायत चाड़ा अंतर्गत ग्राम सिलपिड़ी पहुँचीं और मिलेट्स की ब्रांड एम्बेसडर लहरी बाई के निवास जाकर उनके प्रयासों को नजदीक से देखा।

कलेक्टर ने लहरी बाई, उनके पिता सुखराम एवं माता चेती बाई बैगा के साथ जमीन पर बैठकर आत्मीय संवाद किया और पारंपरिक कृषि पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी सहित प्रशासनिक अमला भी उपस्थित रहा।

सुश्री लहरी बाई ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से मोटे अनाज की खेती करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी दादी का सपना था कि मोटे अनाज की पहचान पूरे देश में बने और लोग इसके सेवन से स्वस्थ जीवन जी सकें। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वे आज मिलेट्स के संरक्षण और बीज संवर्धन का कार्य कर रही हैं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उनके घर में संचित मिलेट्स भंडार का अवलोकन किया, जहाँ 152 प्रजातियों के मोटे अनाज सुरक्षित रखे गए हैं। लहरी बाई आसपास के किसानों को एक किलो बीज देती हैं और फसल के बाद डेढ़ किलो अनाज वापस लेती हैं, जिससे किसानों को बीज निःशुल्क उपलब्ध होता है और आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता।

कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि लहरी बाई का प्रयास न केवल मोटे अनाज के संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक सशक्त कदम है। उन्होंने एनआरएलएम प्रबंधक को निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शासकीय योजनाओं के तहत अनुदान उपलब्ध कराकर इस कार्य को और अधिक विस्तार दिया जाए, ताकि मिलेट्स अभियान जन-आंदोलन का रूप ले सके।

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