डिंडौरी। नगर में माँ नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में शासन ने एक महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित पहल की है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में इस परियोजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने बताया कि नर्मदा के उद्गम पश्चात प्रथम प्रवेश नगर डिंडौरी में नगरीय क्षेत्र से नदी में गिरने वाले गंदे नालों को लेकर श्रद्धालुओं, नर्मदा परिक्रमावासियों, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों में लंबे समय से आक्रोश और चिंता बनी हुई थी। इस गंभीर विषय को शासन के समक्ष बार-बार रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप शासन ने विशेष संज्ञान लेते हुए 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है।
परियोजना के अंतर्गत माँ नर्मदा के प्रवाह मार्ग के बाएँ तट से मिलने वाले कुल 07 नालों को रोका जाएगा। इनमें चन्द्रविजय कॉलेज, ईमलीकुटी, रेहली मोहल्ला, गायत्री मंदिर, नर्मदा पुल, नर्मदा पुल एवं मंदिर के मध्य स्थित नाला तथा श्मशान घाट के पास स्थित नाला शामिल हैं। इन नालों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा।
इसके साथ ही चन्द्रविजय कॉलेज और श्मशान घाट के पास लिफ्टिंग पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। नालों के पानी को सीवर लाइन से जोड़कर आर.टी.ओ. कार्यालय के पास पूर्व से संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा, जहां शुद्धिकरण के बाद इस पानी का उपयोग खेती-बाड़ी एवं अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जा सकेगा। 07 नालों में से 02 नालों में लिफ्टिंग पम्पिंग सिस्टम तथा 05 नालों में ग्रेविटी आधारित प्रणाली से कार्य किया जाएगा।
स्वीकृत परियोजना के तहत नववर्ष की शुरुआत से ही मेसर्स जे.एम. रमानी एंड कंपनी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। आवश्यक मशीनें कार्यस्थल पर पहुंच चुकी हैं। परियोजना को 03 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। नर्मदा जयंती के पूर्व प्रथम चरण में 03 नालों को नर्मदा नदी में मिलने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने कहा कि आगामी समय में नर्मदा के प्रवाह मार्ग के दाएँ तट के लिए भी प्रमुख सचिव से चर्चा कर कार्ययोजना स्वीकृत कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “माँ नर्मदा हमारे लिए आस्था और जीवन दोनों का आधार हैं। जनसहयोग से ही नगर का समग्र विकास संभव है।” कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 में डिंडौरी को स्वच्छ, साफ-सुथरा और पर्यावरण-अनुकूल नगर बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत रहेगा।




