भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर दर्ज लोकसेवकों एवं शिक्षकों की सेवा संबंधी जानकारी का सत्यापन 15 दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय के अनुसार शिक्षकों की पदस्थ संस्था, पदनाम एवं विषय संबंधी जानकारी सेवा पुस्तिका से मिलान कर ही सत्यापित की जानी थी, लेकिन अब तक केवल 48.14% लोकसेवकों का ही सत्यापन हो पाया है।
संचालक द्वारा जारी आदेश में माना गया है कि संकुल स्तर पर बिना सेवा पुस्तिका मिलान के ही सत्यापन किया जा रहा है, जिसे शासन ने गंभीर लापरवाही मानते हुए इसे शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता की श्रेणी में रखा है। आदेश में यह भी कहा गया है कि सत्यापन उपरांत यदि किसी लोकसेवक की जानकारी में त्रुटि पाई गई तो संबंधित संकुल प्राचार्य एवं अनुमोदनकर्ता अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 2,55,781 पंजीकृत कर्मचारियों में से केवल 1,23,149 का ही सत्यापन अब तक पूरा हुआ है। नरसिंहपुर, नीमच, जबलपुर, इंदौर और उज्जैन जैसे जिलों में सत्यापन प्रतिशत बेहतर पाया गया है, जबकि डिंडौरी, अलीराजपुर, अनुपपुर, शहडोल और दमोह जैसे जिलों में सत्यापन की स्थिति बेहद कमजोर है।
संचालक लोक शिक्षण के. द्विवेदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन कार्य पूर्ण कर प्रतिवेदन संचालनालय को भेजें। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




