– आयुक्त जनजातीय विभाग के निर्देश, दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा
मध्यप्रदेश के मंडला विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मंडला ने माह नवम्बर 2025 में ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल एवं सहायक आयुक्त मंडला द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर जिले के समस्त शिक्षकों को ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य किया गया है, किंतु संलग्न सूची के अनुसार विकासखंड मंडला में 211 शिक्षकों द्वारा निर्धारित अवधि में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण उक्त शिक्षकों के वेतन देयक कोषालय में प्रस्तुत नहीं हो सके हैं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी मंडला ने सभी संकुल प्राचार्यों एवं संबंधित संस्थाओं को निर्देशित करते हुए कहा है कि जिन शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है, वे संकुल के माध्यम से दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। प्राप्त अभ्यावेदन के आधार पर ही संबंधित शिक्षकों के वेतन भुगतान की आगे की कार्यवाही की जाएगी।
गौरतलब है कि जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा शिक्षकों की उपस्थिति और सेवा प्रबंधन के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठकों में भी इस व्यवस्था के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल की सख्ती के बाद मंडला जिले में यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर डिंडौरी जिले में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर अब तक नरमी बरती जा रही है। जानकारी के अनुसार जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों व कार्यकालीन कर्मचारियों द्वारा चार माह बीत जाने के बाद भी शिक्षकों की प्रोफाइल तक तैयार नहीं की जा सकी है। इसके बावजूद डिंडौरी जिले में माह नवम्बर का वेतन भुगतान सामान्य रूप से कर दिया गया है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग के निर्देश स्पष्ट रूप से ई-अटेंडेंस के आधार पर वेतन भुगतान करने हेतु बाध्य करते हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी माह दिसम्बर के वेतन भुगतान और ऑनलाइन उपस्थिति के पालन में जिले के अधिकारी किस प्रकार की कार्यवाही करते हैं। जनजातीय कार्य विभाग की ओर से इस संबंध में आगामी दिनों में और भी निर्देश जारी किए जाने की संभावना बताई जा रही है।




