भोपाल: प्रदेश में यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने फर्स्ट एड बॉक्स को बसों में अनिवार्य कर दिया है विभाग ने 22 सितम्बर से विशेष जांच अभियान शुरू किया जिसके तहत गुरुवार को पूरे प्रदेश में 1718 यात्री बसों की जांच की गई जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं पाया गया उन पर चालानी कार्रवाई की गई विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना फर्स्ट एड बॉक्स के किसी भी यात्री बस को परमिट जारी नहीं किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हाल ही में समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये थे कि यात्रियों की सुरक्षा के लिये हर बस में प्राथमिक उपचार पेटी का होना आवश्यक है
परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की जांच के निर्देश भी दिये जबलपुर में मनाली इंडस्ट्रीज एटीएस की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं यहां बिना एचएसआरपी और रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप वाली बसों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा था साथ ही स्टाफ का निर्धारित प्रशिक्षण भी अधूरा पाया गया जांच के बाद विभाग ने इस एटीएस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है
सड़क हादसों और मृत्यु दर में कमी लाने के लिए परिवहन विभाग ने आईआईटी खड़गपुर और कंज्यूमर वाइज़ संस्था के सहयोग से भोपाल में स्पीड मैनेजमेंट परामर्श सम्मेलन आयोजित किया इसमें प्रोफेसर डॉ भार्गव मैत्रा ने प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के अनुसार डायनमिक स्पीड लिमिट तय करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष उपाय करने की आवश्यकता बताई इस नीति के तहत चयनित स्थानों पर नागरिकों को नि:शुल्क परामर्श दिया जाएगा वहीं टेक्नोलॉजी आधारित स्पीड जांच की जाएगी और नियम उल्लंघन करने पर सीधे ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई इस प्रस्ताव को आईआईटी खड़गपुर शीघ्र ही परिवहन विभाग को सौंपेगा सम्मेलन में एनएचएआई पीडब्ल्यूडी नगर निगम और आरआरडीए के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे


