Begging Kids in Dindori : पढ़ाई की उम्र में भीख मांग रहे बच्चे, योजनाओं के बावजूद हालात खराब! कलेक्टर से की रोक लगाने की मांग…

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में संजीवनी सामाजिक जन कल्याण संस्था, शहपुरा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि जिले में पढ़ाई-लिखाई की उम्र में भीख मांगने वाले बच्चों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

संस्था के संस्थाप्रमुख मुकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि शहपुरा, समनापुर, करंजिया और बजाग ब्लॉक सहित जिला मुख्यालय में अक्सर छोटे-छोटे बच्चे चौराहों, तिराहों और होटलों के आसपास भीख मांगते दिखाई देते हैं।संस्था का कहना है कि कई मासूम बच्चे भीख से मिली रकम का इस्तेमाल नशा करने में करने लगते हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। जबकि सरकार बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण के लिए कई योजनाएँ चला रही है, लेकिन इनका लाभ वास्तविक ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पा रहा।

संजीवनी संस्था ने सुझाव दिया है कि ऐसे बच्चों को चिह्नित कर ‘स्कूल चले हम’ अभियान, मध्यान्ह भोजन योजना, आवास योजना, मुफ्त राशन, लाडली बहना और पेंशन योजनाओं से जोड़ा जाए। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक, जनपद सीईओ, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जनशिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपने की बात कही है।

संस्था ने आशंका जताई कि यदि इतनी योजनाएँ होने के बावजूद मासूम बच्चे सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं, तो यह योजनाओं के कागज़ों तक सीमित रहने या जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है। बरहाल संस्था ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि इन बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सके।

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