डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, गर्भवती महिलाओं के 100% एएनसी पंजीयन और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच व उपचार पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की नियमित बैठकें आयोजित कर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की जाए। जिन विकासखंडों की प्रगति विभिन्न पैरामीटरों में कमजोर रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में टीबी उन्मूलन, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण, आयुष्मान कार्ड और अन्य स्वास्थ्य विषयों की भी विस्तृत समीक्षा हुई। सर्पदंश के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रत्येक मामले का विस्तृत प्रतिवेदन तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसमें घटना का समय, उपचार में विलंब, रेफर की स्थिति और मृत्यु के कारण का विवरण शामिल हो।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले एएनएम, सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने बीएमओ करंजिया और बीएमओ मेंहदवानी को प्रगति कार्य में लापरवाही तथा चार एएनएम की जांच में कमी पर कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. रमेश मरावी, सिविल सर्जन डॉ. अजय राज, जपारको से जिला समन्वयक, डीएचओ, डीआईओ, डीपीएम, सभी बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम, बीईई, डब्ल्यूएचओ, एसएमओ समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

