— सीएम हेल्पलाइन की 80% शिकायतें संतुष्टि के बाद बंद, रोजाना आते हैं 55 हजार कॉल; बालाघाट के ₹332 करोड़ के विकास प्रोजेक्ट की भी समीक्षा
भोपाल। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत अब वरिष्ठ अधिकारी दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर आम लोगों की शिकायतों का मौके पर निराकरण कराएंगे। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने मंत्रालय में आयोजित मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान एवं बालाघाट प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करने के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों में बार-बार आने वाली शिकायतों के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में करीब 80 प्रतिशत शिकायतें शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के बाद बंद कराई जा चुकी हैं। वहीं हेल्पलाइन पर प्रतिदिन करीब 55 हजार कॉल आते हैं, जिनमें लगभग 15 हजार शिकायतें होती हैं। लोकसेवा गारंटी अभियान के तहत अब तक 8 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।
किसानों से लेकर राशन और बिजली तक योजनाओं की समीक्षा
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों से जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे जुड़ी शिकायतों की स्थिति की जानकारी ली। राजस्व विभाग से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, खाद्य विभाग से राशन कार्ड एवं राशन दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता की जानकारी ली गई। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना, स्वास्थ्य विभाग से प्रसूति सहायता योजना तथा ऊर्जा विभाग से बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई।
भारत सरकार के पत्रों का जवाब 15 दिन में देना होगा
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को भारत सरकार से प्राप्त पत्रों का जवाब अनिवार्य रूप से 15 दिन के भीतर देने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम फ्लैगशिप योजनाओं और आगामी मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस से संबंधित जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराने को कहा।
बालाघाट के ₹332 करोड़ के प्रोजेक्ट की समीक्षा
बैठक में ₹332 करोड़ के बालाघाट विकास प्रोजेक्ट की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। विभागवार प्रस्तावों और उनकी प्रगति पर चर्चा करते हुए ऊर्जा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, कौशल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन, उद्यानिकी और जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित कार्यों की स्थिति जानी गई।
मंथन और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की तैयारी के लिए कमेटी
मुख्य सचिव ने विभागीय कार्यों की समीक्षा के आधार पर मंथन और आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की तैयारियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
