MP Education Update : बीएड प्राथमिक शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की मांग, टीडब्ल्यूटीए ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र….

Rathore Ramshay Mardan
3 Min Read

 

 

भोपाल। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन (टीडब्ल्यूटीए) ने मध्य प्रदेश के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बी.एड. धारक नवीन प्राथमिक शिक्षकों की तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि शीघ्र समाप्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि ब्रिज कोर्स की अनिवार्यता के कारण लंबित परिवीक्षा अवधि को सशर्त समाप्त किया जाए, ताकि शिक्षकों को समय पर सेवा संबंधी लाभ मिल सकें।

 

पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के हजारों नवीन प्राथमिक शिक्षक पिछले तीन वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे हैं। विभाग द्वारा परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ करना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन बी.एड. धारक शिक्षकों के लिए 6 माह के ब्रिज कोर्स की अनिवार्यता बाधा बन गई है। एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षकों ने भर्ती नियमों के तहत परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति प्राप्त की थी और तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है।

दरअसल एसोसिएशन ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि ब्रिज कोर्स का समय पर आयोजन कराना शासन और विभाग की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें हुई देरी का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। परिवीक्षा अवधि लंबित रहने के कारण शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि और स्थानांतरण नीति जैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

 

प्रदेश अध्यक्ष डी के सिंगौर और प्रांत सचिव हेमेंद्र मालवीय ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शासन से मांग की गई है कि जिन बी.एड. धारक शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन कर शुल्क जमा कर दिया है, उनकी परिवीक्षा अवधि तत्काल सशर्त समाप्त की जाए। साथ ही आदेश में यह शर्त जोड़ी जाए कि निर्धारित समय-सीमा में ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण नहीं करने पर संबंधित शिक्षक की सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी।

 

एसोसिएशन ने कहा कि इससे शासन के नियम भी सुरक्षित रहेंगे और शिक्षकों को अनावश्यक मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकेगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र न्यायोचित निर्णय लेने की अपील की है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त को भी पत्र भेजा गया है।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *