करंजिया। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के विरोध में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ब्लॉक शाखा करंजिया के सैकड़ों शिक्षक 30 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रधानमंत्री अनुरोध यात्रा महारैली में शामिल होंगे। राष्ट्रीय शिक्षक संघ एवं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं था, ऐसे में नियुक्ति के वर्षों बाद उन पर टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता थोपना उनके अधिकारों का हनन है। इसी मुद्दे को लेकर देशभर के शिक्षकों को राहत देने के उद्देश्य से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री अनुरोध महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
मोर्चे के पदाधिकारियों के अनुसार करंजिया विकासखंड से बड़ी संख्या में शिक्षक महारैली में शामिल होंगे। कुछ शिक्षक ट्रेन से दिल्ली जाएंगे, जबकि करीब 50 शिक्षकों ने हवाई यात्रा के माध्यम से दिल्ली पहुंचने का निर्णय लिया है। शिक्षकों का दावा है कि देशभर में लगभग 56 लाख शिक्षकों को इस मुद्दे पर राहत की जरूरत है और केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर समस्या का समाधान करने की मांग की जाएगी।
ब्लॉक अध्यक्ष जीवन मरावी सहित सुशील कुमार नागेश्वर, राम कुमार गर्ग, जोहन मरावी, भारती मरावी, मंजूलता, नर्मदा, खेमचंद पड़वार, धीरसिंह मरावी, सावित्री चंदेल, बी. दरकेश, ओमप्रकाश लवकुश और राम भजन मरावी समेत अन्य शिक्षकों ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर महारैली में शामिल हों और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित करें।
शिक्षकों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस विवाद से राहत मिल सके।
