डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर नेहा मारव्या की अध्यक्षता में जनसुनवाई का आयोजन हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं। इस जनसुनवाई में कुल 81 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही त्वरित समाधान किया गया।
जिन मामलों में तत्काल निराकरण संभव नहीं हो पाया, उनमें संबंधित आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान का आश्वासन दिया गया।जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत अनिल कुमार राठौर, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। शिकायतों में मुख्य रूप से आवारा मवेशियों से फसल को नुकसान, आगजनी से क्षति, प्रधानमंत्री एवं सामाजिक सहायता योजनाओं के भुगतान, फसल नुकसान, अतिवृष्टि, अतिथि शिक्षक, नल-जल योजना का ठप संचालन, और आवासीय क्षति के मुआवजे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए।
ग्राम चांदपुर के सेवानिवृत्त शिक्षक माखन लाल शुक्ला ने झुके बिजली पोल से आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। ग्राम छांटा बैगान टोला की अधनी बाई बैगा ने पति की मृत्यु के उपरांत अनुग्रह सहायता राशि की मांग रखी। गाडासरई के ग्रामीणों ने बताया कि आवारा मवेशी रात में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। आमाचूहा की गीता बाई ने संबल योजना के तहत दिवंगत पति के नाम पर 2 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की मांग की।
कोहमा की खनी बाई ने समग्र ID, पोषण आहार, खाद्यान्न और पीएम किसान निधि की राशि दिलाने की बात कही। बिजोरी माल के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नल-जल योजना में बकाया भुगतान की शिकायत की, जिस पर PHED अधिकारी को जांच कर योजना दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए गए। पिंडरूकी माल के हसन दास ने घर में लगी आग से हुए लाखों रुपये के नुकसान की भरपाई की मांग की, जिस पर तहसीलदार को राहत प्रकरण तैयार कर भुगतान का निर्देश दिया गया।
कलेक्टर नेहा मारव्या ने सभी प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों को त्वरित और ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि जनहित से जुड़ी समस्याओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
