जबलपुर। संभागायुक्त धनंजय सिंह ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए जिले के सभी कलेक्टर्स से बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। योजना का उद्देश्य किसानों को सोयाबीन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाना और भाव में गिरावट से सुरक्षा प्रदान करना है।
संभागायुक्त सिंह ने कहा कि योजना के अंतर्गत किसान 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण किसान अपने प्लेक्स, CSC सेंटर या MP Kisan ऐप के माध्यम से कर सकेंगे। पंजीकृत किसान 24 अक्टूबर से 15 जनवरी के बीच जिले की किसी भी कृषि उपज मंडी में अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे। इस दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी के मॉडल भाव के बीच का अंतर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में अंतरित किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में सभी कलेक्टर्स ने अवगत कराया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार सभी तैयारियां पूर्ण हैं। इसमें नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, प्रमुख जनप्रतिनिधियों का समन्वय, मंडी वार नोडल अधिकारी नियुक्ति और निगरानी समिति गठन शामिल हैं। संभागायुक्त सिंह ने कलेक्टर्स को भावांतर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार, जनप्रतिनिधियों के साथ सतत संवाद एवं समन्वय, लाइसेंसधारी व्यापारियों की बैठक, मंडी मूल्य निर्धारण की निगरानी और नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएँ।




